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जिगरी यार बने जानि दुश्मन,कभी था एक दसरे से भाईचारा, गैंगस्टर लॉरेंस औरअर्श डल्ला

खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कहानी बहुत ही दिलचस्प और जटिल है। एक समय में ये दोनों जिगरी यार थे, लेकिन बाद में ये जानी दुश्मन बन गए।

कनाडा में ओंटोरियो में रविवार को खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप डल्ला को हिरासत में लिया गया है

अर्श डाला और लॉरेंस बिश्नोई की दोस्ती की शुरुआत 2010 के दशक में हुई थी, जब दोनों पंजाब के गैंगस्टर समूहों में शामिल थे। उस समय, अर्श डाला खालिस्तानी आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ था, जबकि लॉरेंस बिश्नोई एक शक्तिशाली गैंगस्टर था। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने अर्श डल्ला की दोस्ती लॉरेंस बिश्नोई से कराई थी

मतभेद और दुश्मनी:

– बाद में दोनों के बीच मतभेद हो गए और वे अलग-अलग रास्तों पर चल पड़े।
– अर्श डाला ने खालिस्तानी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखा।
– लॉरेंस बिश्नोई ने अपना गैंगस्टर साम्राज्य बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया.

अर्श डाला की गिरफ्तारी के बाद, कनाडा की पुलिस ने उसके खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं। इनमें आतंकवाद, हत्या, अपहरण और अन्य अपराध शामिल हैं। डल्ला पर हत्या, जबरन वसूली और टारगेट किलिंग जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा टेरर फंडिंग, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में भी उसका नाम शामिल है।खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या के बाद अर्श डाला ही आतंकी संगठन टाइगर फोर्स को लीड कर रहा

आइए जानते हैं कि अर्श डाला आखिर कैसे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया, उनके बीच कैसे दोस्ती हुई, कैसे वो उनके गैंग के लिए काम करने लगा और कैसे उनके बीच दुश्मनी हुई?

दरअसल, अर्श डाला और लॉरेंस बिश्नोई दोनों ही पंजाब के गैंगस्टर समूहों में शामिल थे। उनकी पहली मुलाकात जेल में हुई थी, जहां लॉरेंस बिश्नोई ने गोल्डी बराड़ और अन्य गैंगस्टर्स से दोस्ती की थी अर्श डल्ला का नाम अपहरण और हत्या जैसे बड़े मुकदमों में आने लगा। इसी दौरान डल्ला का संपर्क गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से हुआ। फिर वह उसके कहने पर अपराध को अंजाम देने लगा। पुलिस ने डल्ला पर शिकंजा कसना चालू किया तो वह 2020 में कनाडा भाग गया।

उदर  कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को भी उसके जैसे इन्शान  की तलाश थी जो बहुत वफ़ादार था Lawrence Bishnoi group के लिए| हरदीप सिंह निज्जर  संपर्क मैं आया  उसने उसकी दोस्ती बंबीहा गैंग से करवायी उसके साथ मिलकर भारत में लॉरेंस गैंग के खिलाफ काम करने लगा।

कनाडा आने के बाद अर्श डल्ला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से भी मिला। इसके अलावा वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और इंटरनेशनल सिख यूथ जैसे दूसरे प्रतिबंधित संगठनों के लिए पाकिस्तान से हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस की तस्करी में शामिल रहा है।

इसमें उसके राइट हैंड गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा दुनुके की बड़ी भूमिका थी। यही वजह है कि लॉरेन्स बिश्नोई ने साल 2023 में गैंगस्टर सुक्खा दुनुके की कनाडा के पीनीपेग सिटी में गोली मारकर हत्या कर  दी। बस यहीं से, अर्श डल्ला और लॉरेंस बिश्नोई की दुश्मनी की शुरुआत हो गई।

इसके बाद फेसबुक पोस्ट करके सुक्खा की हत्या की जिम्मेदारी भी ले ली. इस फेसबुक पोस्ट में लॉरेंस गैंग ने लिखा था..

 

“हां जी सत श्री कॉल, राम राम. ये सुक्खा दुनुके के बंबिहा ग्रुप का जो इंचार्ज बना फिरता था उसका मर्डर हुआ है, कनाडा के विनिपेग सिटी में. उसकी जिम्मेदारी लारेंस बिश्नोई ग्रुप लेता है. इस ड्रग एडिक्टेड नशेड़ी और सिर्फ अपने नशे को पूरा करने के लिए पैसों के लिए उसने बहुत घर उजाड़े थे. हमारे भाई गुरलाल बराड़, विक्की मिद्दुखेड़ा के मर्डर में इसने बाहर बैठकर सबकुछ किया. संदीप नंगल अंबिया का मर्डर भी इसने करवाया था, पर अब इसके किए हुए पापों की सजा उसे मिल गई है. बस एक बात कहनी है जो दुक्कियां टिक्कियां अभी भी रह गई हैं, जहां मर्जी भाग लो, दुनिया में किसी भी देश में चले जाओ. मत सोचो हमारे साथ दुश्मनी लेकर बचोगे, टाइम जरूर कम ज्यादा लग सकता है. लेकिन सजा सबको मिलेगी.”
आजकल, अर्श डाला और लॉरेंस बिश्नोई दोनों ही पुलिस की हिरासत में हैं और उन पर कई मामलों में मुकदमा चल रहा है। उनकी कहानी पंजाब के अपराध जगत की जटिलता और हिंसा की एक दर्दनाक याद दिलाती है।

 

 

 

 

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